धरमजयगढ़।
मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स अडानी समूह की प्रस्तावित पुरुंगा भूमिगत कोल ब्लॉक की जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संविधान ने उन्हें पेसा कानून का अधिकार दिया है वे इस अधिकार के तहत अपना अधिकार मांग रहे हैं। इतना सुंदर प्राकृतिक वातावरण है इसे कदापि बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत तेंदुमुड़ी, पुरुंगा और साम्हरसिंघा के ग्रामीणों ने प्रशासन को पत्र भेजकर 6 नवंबर 2025 को धरमजयगढ़ में विरोध रैली और धरना प्रदर्शन करने की सूचना दी है। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया है कि प्रस्तावित कोल ब्लॉक से तीनों ग्राम पंचायतें प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगी। यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है तथा छत्तीसगढ़ पेसा कानून 2022 यहां लागू है।
पेसा कानून के तहत तीनों ग्राम पंचायतों में 18 और 19 अक्टूबर 2025 को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर प्रशासन द्वारा तय की गई 11 नवंबर की जनसुनवाई को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने दिनांक 22 अक्टूबर को पर्यावरण विभाग और कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपकर जनसुनवाई निरस्त करने की मांग की थी। इसके बाद 29 अक्टूबर को भी मौन रैली निकालकर वनमंडलाधिकारी, जनपद पंचायत और अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वे 6 नवंबर को शांतिपूर्ण विरोध रैली और धरना प्रदर्शन करेंगे। यह विरोध रैली धरमजयगढ़ मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। विधायक लालजीत राठिया ने कहा यहां इतना सुंदर प्राकृतिक वातावरण है इसे बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा।

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