रायगढ़। औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग के द्वारा उद्योगों के निरीक्षण उपरांत विभिन्न उद्योगों में सुरक्षा मानकों की जांच की गई थी। निरीक्षण के बाद कारखाना अधिनियम के तहत सुरक्षा व्यवस्था और उसके मानको में जो कमी पाई थी उसके अनुसार श्रम न्यायालय श्रम कानून के तहत मामला दर्ज कराया था। जिस पर श्रम न्यायालय द्वारा अपने फैसले में 7 उद्योगों पर 9 लाख 45 हजार का अर्थ दंड से दंडित किया है।
दरअसल औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा स्थापित उद्योगों में रूटीन के अनुसार निरीक्षण किया था। जिसमें में सिवाना स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड, में राधे गोविन्द स्टील एंड एलायस प्राइवेट लिमिटेड, में सिंघल स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड, में सिंघल स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड गेरवानी डिविजन, में मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, में NRVS स्टील लिमिटेड, BS स्पंज प्राइवेट लिमिटेड, में निरीक्षण के दौरान कई तरह की खामियां पाई गई थी। कुछ में कम तो किसी में कई तरह की गंभीर खामियां पाई गई जिनमें खामियों के अनुसार श्रम न्यायालय द्वारा अर्थदंड से दंडित करते हुए कारखाना अधिनियम के अनुसार श्रमिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन करने पर मामला दर्ज कराया था।
श्रम न्यायालय द्वारा अगस्त माह में दर्ज प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए इन कारखाना प्रबंधकों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों में कमी पर अर्थदंड से दंडित किया गया है । इसमें में सिवाना स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड पर 70,000/-, में राधे गोविन्द स्टील एंड एलायस प्राइवेट लिमिटेड पर 80,000/-, में सिंघल स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड पर 80,000/-, में सिंघल स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड गेरवानी डिविजन पर 1,60,000/-, में मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड पर 1,00,000/-, BS स्पंज प्राइवेट लिमिटेड पर सर्वाधिक 4,30,000/- और में NRVS स्टील लिमिटेड पर 25,000 रु का अर्थदंड लगाया गया। निरीक्षण के दौरान NRVS स्टील लिमिटेड में सबसे कम खामियां पाई गई थी। इसके अनुसार इस कंपनी के कारखाना प्रबंधक के खिलाफ सबसे कम अर्थदंड से दंडित किया है।
निरीक्षण के दौरान औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग की टीम को निरीक्षण के दौरान सर्वाधिक खामियां में NRVS स्टील लिमिटेड में पाई गई थी, इसके साथ सिंघल स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड गेरवानी डिविजन, में मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में कई तरह की सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई थी। निरीक्षण उपरांत कारखाना अधिनियम के तहत श्रम सुरक्षा मानकों की कमी को दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया गया था।

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