रायगढ़। प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े हजारों NHM कर्मचारी संघ के बैनर तले पिछले 15 दिनो से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे हैं। एनएचएम कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के उस वायदे को लेकर बेहद खफा है जिन वायदों को लेकर भाजपा छत्तीसगढ़ की सत्ता पर काबिज हुई। सरकार बनते ही 100 दिनों में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने मोदी की गारंटी देकर संविदा कर्मचारियों को झांसा दिया गया जो अब पूरी तरह से जाहिर हो चुका है। उन्ही संविदा कर्मचारियों में एनएचएम कर्मचारी भी शामिल हैं जिन्हे आश्वस्त किया गया था।

प्रदेश भर में एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले 15 दिनो से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे हैं इसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है शहर से लेकर गांव गांव में जहां स्वास्थ्य केंद्र तो एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारियों के भरोसे चलता रहा जो वर्तमान में पूरी तरह से ठप्प पड़ा हुवा है। हड़ताली स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है हड़ताल की वजह से गर्भवती महिलाओं से लेकर आंगनबाड़ियों टीकाकरण तक में मिलने वाली स्वास्थ्य व्यवस्था का काम पूरी तरह बंद पड़ गया है। लेकिन सरकार इस तरफ से पूरी तरह आंखें बंद किए हुए है। आरोप है कि सरकार उनके हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है और पड़ रहा है लेकिन सरकार की नजर में सब कुछ ठीक चल रहा है।

हड़ताली स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है की चुनाव के दौरान 100 दिन में मोदी की गारंटी पूरी करने कहकर वोट लिया गया था, लेकिन सरकार बनने के 20 माह बाद भी उनके द्वारा दी गई मोदी की गारंटी का कहीं कोई पता नहीं है। यह भी कहना है की उनकी 10 मांगों में से 5 मांगे पूरी कर दी गई है लेकिन उस आदेश की कोई कॉपी नहीं है। क्या सरकार के पास उस आदेश को टाइप कराने कर क्यों नहीं दे रही है वही काम पर वापस नहीं लौटने पर बर्खास्तगी का लेटर जारी किया जा रहा है लेकिन उन पांच मांग जिसको पूरा किया गया हैं उसका आदेश क्यों जारी नहीं किया जा रहा है।

सरकार एनएचएम कर्मचारियों पर अब दबाव बनाना भी शुरू कर दिया है प्रदेश स्तर पर कई एनएचएम कर्मचारियों को काम पर नहीं लौटने पर बर्खास्तगी की चेतावनी का लेटर भेजा गया है। आरोप है कि सरकार एनएचएम कर्मचारी संघ को अब तोड़ने का प्रयास कर रही है लेकिन वे पूरी तरह से संगठित हैं और साथ आए थे साथ जायेंगें का नारा दे रहे हैं, और संघ की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अडिग हो अनिश्चित कालीन हड़ताल पर डटे रहने की बात कही गई।

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