रायगढ़। रायगढ़ एक औद्योगिक नगरी के रूप में ख्यातिमान हो रही है। इसी से जुड़ा रायगढ़ जिले के घरघोड़ा तहसील में स्थापित देश के जाने माने बड़े औद्योगिक घराने से जुड़ी नलवा स्टील एंड पावर और नलवा स्पेशल स्टील के बीच जमीन खरीदी बिक्री से उजागर हुआ मामला है।
दरअसल नलवा स्टील एंड पावर के कब्जे की जमीन नलवा स्पेशल स्टील के बीच परिसर के अंदर की 2.4 हेक्टेयर जमीन की खरीदी बिक्री से जुड़ा है। जिसे प्लांट के डायरेक्टर सरदार सिंह राठी ने एक नई कंपनी नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड को बेची। खास बात ये है की दस्तावेज में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है शंका होने पर अधिकारियों द्वारा मौके पर देखा गया तो कई शेड, मशीनरी उपकरण लगे हुए थे। इससे जाहिर है कि मुद्रांक शुल्क काफी कम लगेगा लेकिन जांच में यह उजागर हो गया कि कम्पनी द्वारा उक्त भूमि को अनाधिकृत तरीके से खरीदी गई और अब तक उसका प्रयोजन कृषि से औद्योगिक प्रयोजन हेतु डाइवर्सन यानि व्यवसायिक प्रयोजन हेतु डाइवर्सन नहीं कराया जाना उजागर हुआ।
जांच के पूर्व जमीन की रजिस्ट्री में वैल्यु 4,15,70,500 आंका गया जिस पर 27,43,653 रुपए मुद्रांक शुल्क दिया गया। उप पंजीयक घरघोड़ा ने स्थल निरीक्षण के बाद जिला पंजीयक को इस प्रकरण की जानकारी दी। तब कलेक्टर ऑफ स्टाम्प्स ने प्रकरण दर्ज कर पुन: आंकलन किया। जांच में पाया गया कि उक्त भूमि पर निर्मित संरचना एवं मशीनरी का कुल मूल्य 7,96,47,112 रुपए होता है। इस हिसाब से कुल देय मुद्रांक शुल्क 52,56,715 रुपए होगा। इसलिए नलवा स्पेशल स्टील को 25,13,062 रुपए अतिरिक्त जमा करने का आदेश दिया गया। इस तरह नलवा स्टील एवं नलवा स्पेशल स्टील के बीच सौदे में सरकार के खजाने में 27,43,653 रु के अलावा 25,13,062 रु और अतिरिक्त मुद्रांक शुल्क के रूप में देना होगा। इससे जाहिर होता है कि इन औद्योगिक घरानों द्वारा किस तरह से सरकार को पलीता लगा रहे हैं।
अब इसमें खास बात ये है कि नियम विरुद्ध नलवा स्टील एंड पावर द्वारा खरीदी गई किसानों से सीधे जमीन का उपयोग औद्योगिक प्रयोजन में किया जा रहा है जबकि दस्तावेजों में आज भी प्रयोजन कृषि उल्लेखित है। इसमें एक खास बात और है कि नलवा द्वारा 16 हे. जमीन में से 2.400 हे. को बेचा गया। बाकी शेष बचा भूखंड आज भी कृषि प्रयोजन से जुड़ा है लेकिन उपयोग औद्योगिक प्रयोजन में किया जा रहा है। क्या इस पर भी जिम्मेदार अधिकारी नलवा स्टील एंड पावर के खिलाफ कार्रवाई करेंगे या यहीं पर इतिश्री कर दिया जाएगा । यदि इसकी और सही जांच हो जाए तो और भी जमीन से जुड़े और घपले उजागर होंगे।

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