रायगढ़। महाराष्ट्र पावर जेनरेशन महाजेंको के द्वारा फर्जी ग्राम सभा अनापत्ति के सहारे हजारों पेड़ों को काट दिया गया कई एकड़ भूमि पर से हरे भरे पेड़ों की बलि देकर हरियाली को नेस्तनाबूत कर दिया गया। जिस फर्जी एनओसी के सहारे पेड़ों की कटाई की गई उस दस्तावेज के बाहर आने पर गांव में और उबाल आ गया है। करीब 35 गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने तमनार थाने में लिखित शिकायत देकर फर्जी दस्तावेज जमा कराने वाले के खिलाफ अब कार्रवाई की मांग की गई है।
महाजेंको के लिए कोयला निकालने वाली अडानी की कंपनी के साथ मिलकर जिला और पुलिस प्रशासन के द्वारा फर्जी कागजात के सहारे जंगल की कटाई कर दी गई और प्रभावित ग्रामीणों को शारीरिक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। महाजेंको के गारे पेल्मा सेक्टर के प्रभावित गांव सराई टोला के आश्रित गांव मुड़गांव के जंगल कटाई का मामला अब और गहराता जा रहा है। गारे पेलमा सेक्टर के प्रभावित गांव के ग्रामीण एकजुट होकर महाजेंको द्वारा फर्जी ग्राम सभा कार्रवाई के दस्तावेज जिला प्रशासन के यहां जमा कराने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने गत दिवस तमनार थाने पहुंचकर विधिवत शिकायत दर्ज कराया है और इस पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
फर्जी दस्तावेज के सामने आने के बाद अब ग्रामीणों का पलड़ा भारी होता दिखाई दे रहा है। तमनार थाने में शिकायत के बाद सराईटोला के जंगल कटाई और फर्जी ग्राम सभा के दस्तावेज जमा करने के खिलाफ कोयला प्रभावित क्षेत्र तमनार के 61 ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीण कलेक्टर रायगढ़ के पास फर्जी ग्राम सभा के दस्तावेज जमा करने वाले के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर जानें हैं।
मामला गहराते देख कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय द्वारा जारी हुई विज्ञप्ति /
महाजेंको कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय द्वारा चौतरफा घिरने के बाद और फर्जी ग्राम सभा दस्तावेज का जिन्न बाहर आने के बाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई है। जिसमे दावा किया जा रहा है कि गारे पेल्मा सेक्टर के 14 प्रभावित गांव के प्रभावितों केलिए यह परियोजना एक समावेशी पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजना के साथ लागू की जा रही है, जिसमें 3296 परिवारों को निर्धारित नीति के अनुरूप पुनर्वासित किया जाएगा। परिवारों के लिए सामाजिक और आर्थिक उत्थान की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाते हुए उन्हें बेहतर जीवनशैली, रोजगार के अवसर और बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुँच प्राप्त होगी।
कंपनी के मुख्य अभियंता (ई एंड एस और जीपी-II) का कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि परियोजना को सरकार द्वारा सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान की जा चुकी हैं। कंपनी ने कहा, “अब यह कोयला खदान संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। यह परियोजना भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य में रोजगार और आधारभूत विकास के अवसरों को बढ़ावा देगी।
कम्पनी मुख्यालय से प्रेस विज्ञप्ति से जाहिर होता है कि ग्रामीणों की तमाम कोशिशें क्या धरी की धरी रह जायेगी या दांव उल्टा पड़ते देख कंपनी के द्वारा कोल ब्लॉक को जल्द से जल्द आरंभ करने की नई चाल हो सकती है। जिसमे बेहतर पुनर्वास समावेशी विकास रोजगार के अवसर सहित बड़े बड़े दावे किए गए हैं। अब सवाल उठता है कि यदि कंपनी यह सब पहले से करना चाहती थी तो ग्रामीणों को बिना विश्वास में लिए फर्जी कूट रचना कर दस्तावेज तैयार करने की क्या जरूरत थी।


Recent Comments