रायगढ़।
कड़ी मेहनत और पसीना बहाकर पूरे लगन से इतना सबकुछ खड़ा किया। परिवार के बीच सबकुछ ठीक चल रहा था किंतु अचानक से अंदर अंदर ही मेरे भाइयों द्वारा षडयंत्र रचना शुरू कर दिया। जाहिर सी बात है कि कोई न कोई हम भाइयों के बीच विभीषण बनकर पूरे समाज के बीच हमें तार तार कर दिया। यह कहना है शहर के जाने माने उद्योगपति हरबिलास अग्रवाल का जिनके भाई और उनके पुत्रों में मिलकर मेरी सारी संपत्ति जयदात को हड़पना चाह रहे हैं यहां तक मेरे नाम की निजी जमीन को भी हड़पने की साजिश रची गई।
बांके बिहारी पावर एन्ड स्टील लिमिटेड और बांके बिहारी इंफ़्राकाम प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर डायरेक्टर हरबिलास अग्रवाल पिता भोला अग्रवाल के साथ जो कुछ हो रहा है यह अच्छी बात नहीं है उन्होंने खुलकर चर्चा करते हुए बताया कि हमने कड़ी मेहनत कर आज इस मुकाम को हासिल किए और अब इसमें फुट पड़ गई और यह फुट विभीषण के द्वारा कराया धराया है।
हरबिलास अग्रवाल ने बताया कि श्री बांके बिहारी पावर एंड स्टील लिमिटेड एवं श्री बांके बिहारी इन्फ्राकॉम प्रा०लि० रायगढ़ मे है जिसका वर्किंग कार्य रायगढ़ में है तथा रजिस्टर्ड आफिस रायपुर के सृष्टि गार्डन मकान नंबर 11,12 में है। जिसके 03 डायरेक्टर हरबिलास अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल, पवन अग्रवाल हैं। श्री बांके बिहारी पावर एडं स्टील लिमिटेड, श्री बांके बिहारी इन्फ्राकॉम प्रा०लि० के डायरेक्टर हरबिलास अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल, भोला प्रसाद अग्रवाल है। हरबिलास अग्रवाल ने बताया कि बीते 08 अगस्त 2025 को सन्नी अग्रवाल द्वारा मेल के माध्यम से हमे सूचना दिया गया कि दिनांक 17-08-2025 को दोपहर करीबन 01-30 बजे तेलीबांधा सृष्टि गार्डन मकान नंबर 11- 12 मे मिटिंग रखा जायेगा।

हरबिलास अग्रवाल ने बताया कि उन्हें पता चला कि इस मीटिंग का एजेंडा कंपनी को पूर्ण रूप से कंट्रोल में लेना चाह रहे थे, जिसमे ममता अग्रवाल, आशा अग्रवाल, श्रीया अग्रवाल डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया जा रहा था। जिसका हमने दिनांक 10 अगस्त 2025 को मेल के माध्यम से विरोध किया गया कि यह कंपनी के शेयर होल्डर और राइटर्स के विरूद्ध है। उनके द्वारा मेरे मैसेज मेल का जवाब नही दिया। इस पर 14 अगस्त 2025 को मेल के माध्यम से हमने मिटिंग की विडियो रिकार्डिंग एवं कंपनी सेकेटरी नियुक्त किया जाने संबंधी सभी पेपर को भली भांति पूर्ण किया जाने की बात रखी। फिर दिनांक 16 अगस्त 2025 को सन्नी अग्रवाल के द्वारा मेल किया गया कि विडियो रिकार्डिंग एवं कंपनी सेकेटरी नियुक्त नहीं किया जा सकता का मेल भेजा गया। तब में एवं मेरा बेटा आयुष अग्रवाल दिनांक 17 अगस्त 2025 को दोपहर करीबन 01-30 बजे में तेलीबांधा सृष्टि गार्डन मकान नंबर 11 मे पहुंचे तो देखा वहां मयंक अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल एवं भोला प्रसाद उपस्थित थे। मैने जो समानयतः जैसा बातचीत होता है करते हुए पूछा आप सब लोग कैसे हो, क्या यहाँ कंपनी के डायरेक्टरों का मीटिंग रखा गया है। इतना बोलने पर मयंक अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, पवन अग्रवाल द्वारा बोला गया कि हम कंपनी में डायरेक्टर हैं। बोलते हुए मेरे बेटे आयुष अग्रवाल को मीटिंग से बाहर निकाल दिया और रूम का दरवाजा बंद कर दिया। इसका मेरे द्वारा विरोध किया गया कि दिनांक 16 अगस्त 2025 को जो डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, उसकी जानकारी दी जाए एवं दस्तावेज दी जाए। बोलने पर मयंक अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सभी एक राय होकर बोला गया कि कोई पेपर/दस्तावेज नहीं मिलेगा बोलकर मुझसे जबरदस्ती सादे पन्ने एवं कुछ अन्य दस्तावेज में दबाव पूर्वक हस्ताक्षर कराने लगे जिसका मेरे द्वारा पुरजोर तरीके से मना किया गया। तब दोपहर करीबन 02:00 बजे मयंक अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल मुझे गाली गलौज करने लगे।

जिसको मेरे द्वारा मना करने पर अंदर से अजय अग्रवाल आए और सभी लोग एक राय होकर मुझे गंदी गंदी अश्लील गाली गलौज करते हुए मुझसे हाथापाई करते हुए जमीन पर गिरा दिए और हाथ मुक्का लात जिससे जैसा बना मारपीट करते हुए मुझे मिटिंग रूम से बाहर निकाल रहे थे। बाहर में खड़े मेरा बेटा आयुष देखकर मुझे बीच-बचाव किए तो उसे भी सभी एक राय होकर मेरे बेटे के साथ भी हाथ मुक्का एवं लात से मारपीट करने लगे व पवन अग्रवाल के द्वारा मेरे बेटा आयुष अग्रवाल के दोनों पैर को दांत से काटा गया एवं उसके सिर में भी चोट लगा है।

रायपुर स्थित श्रृष्टि गार्डन के मकान में सभी लोग मुझे एवं मेरे बेटा को जान से मारने की धमकी देने लगे। मैं और मेरा बेटा वहां से बहुत मुश्किल से निकले। अगर वहां से नहीं निकलते तो हम लोगों को जान से मार देते। मारपीट में घायल मेरे बेटे का इलाज जिला अस्पताल पंडरी कराया एवं आयुष का इलाज रायगढ़ में चल रहा है। घटना को मेरा ड्रायवर श्रवण सिदार एवं आसपास के लोग ने भी देखा है। सभी के द्वारा मुझे एवं मेरे बेटा आयुष को अश्लील गंदी गंदी गाली देने से सुनने पर बुरा लगा है। इलाज कराने के बाद 20 अगस्त 2025 को थाना आकर घटना के बारे में बताकर रिपोर्ट किया।
मेरे परिवार में जो कुछ भी हो रहा है वह मेरे लिए बिल्कुल कल्पना के बाहर है। जिस तरह से इनके द्वारा कम्पनी के डायरेक्टर के पद से हटाने और प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश की जा रही है अकल्पनीय है।

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