रायगढ़।
महाजेंको कोल ब्लॉक को शीघ्र आरंभ कराने की एमडी ओ कम्पनी अडानी ग्रुप के द्वारा षडयंत्र के तहत कुछ तथाकथित ग्रामीणों और प्रभावित पीड़ित के नाम पर दलाल नुमा लोगों के द्वारा कलेक्टर से खदान को शीघ्र आरंभ कराने की मांग करने पहुंचे थे। वहीं दूसरी ओर बहुसंख्यक ग्रामीण आबादी अपने जल जंगल जमीन को बचाने हर संभव प्रयास में जुटी हुई है। महाजेंको की एमडीओ कम्पनी द्वारा कलेक्टर हुई मांग को कम्पनी के द्वारा फर्जीवाड़ा करने की साजिश करार देते हुए बुधवार को मुड़ागांव में एक बैठक रखी गई जिसमे 12 गांव के प्रभावित ग्रामीण शामिल होकर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को ग्राम मुडागांव मे अपने कोयला प्रभावित क्षेत्र के जल,जंगल,ज़मीन को बचाने के लिए 12 गांव के लोग जन प्रतिनिधियों का मीटिंग रखा गया। जिसमे चर्चा परिचर्चा किया गया और निर्णय लिया गया की अपने क्षेत्र को बचाने के लिए शासन स्तर पर प्रशासन को फर्जी ग्रामसभा के जाँच करने के लिए अवगत कराया जायेगा। ताकि इसकी निष्पक्ष जांच हो। ग्रामीणों का कहना है कि तमनार थाने मे दो बार शिकायत किया गया है और एस पी रायगढ़ के पास दो बार, कलेक्टर रायगढ़ के पास दो बार शिकायत किया गया है, फिर भी जिला प्रशासन द्वारा फर्जी ग्राम सभा की जाँच नहीं की गई है। कलेक्टर रायगढ़ तो साफ मना कर दिए हैं कि यह मेरे क्षेत्र अधिकार से बाहर का है ।

कलेक्टर के इस तरह से अपने अधिकार क्षेत्र का हवाला देने से हम ग्रामीण हतप्रभ हैं। कलेक्टर महोदय के इस तरह से जवाब मिलने पर हम सभी कोयला प्रभावित क्षेत्र के गांव वाले एकजुट होकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जिसकी जिम्मेदार जिला प्रशासन की होगी। अडानी ग्रुप द्वारा कलेक्टर से चोरी छुपे खदान चालू कराने वाली फर्जी मांग के बाद ग्रामीण सजग हो गए हैं और अपनी जल जंगल जमीन बचाने के लिए शासन स्तर पर मांग करेंगे। मांगे नहीं सुनी गई तो फिर बड़े आंदोलन पर विचार विमर्श किया गया है।
आज के बैठक में मुडागांव, सराईटोला, कुंजेमुरा, पाता, बांधापाली, चित्तवाही, रोडोपाली, खम्हरिया, मिलूपारा, गारे, कोसमपाली, बाग़बाड़ी के जनप्रतिनिधि सरपंच बी डी सी पंच ग्रामीण महिला पुरुष शामिल हुए।

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